चाची ने मुझे बनाकर किया

 क्रॉस ड्रेस सेमक्ष कहानी में मैं बड़ा हुआ तो खुद को लड़की समझता था. मेरी चाची विधवा थी और उनसे मेरी दोस्ती थी. हम दोनों ने एक दूसरे को सेमक्ष का मजा दिया.


दोस्तो,

मेरा नाम निहाल है पर मैं लड़कियों जैसा लगता था तो मेरी चाची ने मेरा नाम नेहा रख दिया था.


मुझे क्रॉसड्रेसिंग करना बहुत पसंद है.

तरह तरह से लड़कियों का मेकअप करना और उनके जैसा ही दिखना मेरा खास शौक रहा है.


जवान होते होते मैं खुद को लड़की ही समझने लगी थी.

मैं अपने दादा दादी के साथ रहती थी.

मेरे मम्मी पापा अपनी जॉब के चलते दिल्ली में रहते हैं.


एक साल पहले एक सड़क दुर्घटना में मेरे चाचा की मृत्यु हो गई थी.

मेरी चाची भरी जवानी में ही विधवा हो गई थीं.

वे मेरे घर के बाजू वाले हिस्से में ही रहती हैं.


यह क्रॉस ड्रेस सेमक्ष कहानी तब की है जब मैं जवान हुआ ही था.


एक दिन में अपनी चाची के घर गया था.

मेरी उनसे खूब घुटती है तो मैं उनके पास घंटों बैठी बतियाती रहती हूँ.


चाची जी को भी मेरा साथ अच्छा लगता है, तो वे भी मेरे साथ काफी खुल कर हंस बोल लेती हैं.


जिस दिन मैं उनके पास गया था, वहां शाम को अचानक से तेज बारिश होने लगी.

हालांकि मेरा घर बाजू में ही था और मैं बिना भीगे ही अपने घर जा सकती थी.


लेकिन मेरी चाची ने कहा- नेहा आज तुम यहीं मेरे पास रुक जाओ.

मैंने हां कर दी और दादी को फोन करके बता दिया कि मैं चाची के पास ही सो जाऊंगा.


ऐसा अक्सर हो जाता था तो दादी ने भी हां कह दी.


उसी रात की बात है.

आधी रात को मुझे प्यास लगी; मैं पानी पीने किचन में गया.


उसी समय मैंने सुना कि बाजू के कमरे में से चाची की कुछ अजीब सी आवाजें आ रही थीं.

तब मुझे ध्यान आया कि चाची मेरे साथ नहीं सो रही थीं.


जिधर से आवाज आ रही थी, मैं उस कमरे के पास गया और खिड़की से झांक कर देखा.

कमरे के अन्दर चाची जी पूरी नंगी थीं और वे अपनी फूली हुई चूवती में एक गाजर डाल कर आगे पीछे कर रही थीं.


मैंने झट से अपना फोन निकाला और बिना आवाज किए चाची की वीडियो बनाने लगा.


कुछ देर बाद चाची झड़ गईं तो वे अपनी चूवती से गाजर निकाल कर उसे चूसने लगीं और अति उत्तेजना में उन्होंने गाजर को खा लिया.


मैं उधर से हट गया और वापस जाकर सो गया.

कुछ देर बाद चाची जी भी मेरे बाजू में आ गईं और सो गईं.


सुबह उठ कर मैंने वह वीडियो चाची के मोबाईल पर सेंड कर दी.


चाची उस वीडियो को देख कर घबरा गईं और मेरे पास आकर उस वीडियो को डिलीट करने को कहने लगीं.


मैंने हंस कर मना कर दिया.


मुझे हंसता देख कर वे मुझसे लिपट गईं और मुझसे चिरौरी करने लगीं- प्लीज नेहा मेरी प्यारी बच्ची … वीडियो डिलीट कर दो ना … मैं तुम्हें खूब प्यार करूंगी.

यह कहते हुए उन्होंने मुझसे मेरा मोबाईल ले लिया.


मैंने भी आसानी से उन्हें मोबाईल दे दिया और वे उसे खोलने की चेष्टा करने लगीं.

पर मोबाईल में स्क्रीन लॉक लगा हुआ था जिसे वे खोल ही नहीं पाईं.


उन्होंने मुझसे बहुत कहा और आखिर में बोलीं- तू क्या चाहता है, बता!

मैंने कहा- मैं आपको परेशान नहीं करना चाहती हूँ बस आप मुझे थोड़ा सा ज्यादा प्यार करने का वादा करो, तो मैं इसे डिलीट कर दूँगा.


वे बोलीं- हां मैं रेडी हूँ. बोल तुझे मुझसे क्या चाहिए? मेरे साथ सेमक्ष करना चाहता है क्या?


मैंने कहा- ये तो आपको भी मालूम है कि मैं तन और मन से एक लड़की हूँ और आपके साथ सेमक्ष नहीं कर सकता हूँ.


वे बोलीं- हां, पर मैंने अभी तक तेरा वो नहीं देखा है.

चाची मेरे लमण्ड के बारे में कह रही थीं.

तो मैंने कहा- लो, पहले आप मेरा वह भी देख लो.


मैंने अपनी पैंट की जिप खोल कर चड्डी नीचे कर दी और अपने टुन्नू से तीन इंच के मूंगफली जैसे लमण्ड को उनके सामने पेश कर दिया.


वे मेरी मूंगफली को देख कर हंस पड़ीं और उसे अपने हाथ से जगाने की कोशिश करने लगीं.


मेरी लुल्ली में हलचल होना शुरू हो गई और चाची ने उसे खड़ी करके अपने मुँह में लेकर चूसना चालू कर दिया.

चाची के मुँह में लुल्ली ने अपनी औकात से ज्यादा खड़ी होकर दिखाया और उसी पल अपनी चौंच से पतली सी धार फेंक दी.


चाची ने मेरे लमण्ड का रस अपनी जीभ से अपने मुँह में घुमा कर मुझे दिखाया और वे उसे खा गईं.

मैंने बोझिल आंखों से पूछा- कैसा स्वाद लगा?


वे हंस कर बोलीं- मजा नहीं आया.

उसके बाद चाची और मेरे बीच अंतरंग संबंध बन गए.


चाची को एक ऐसा साथी चाहिए था, जो उनके अन्दर की बात को समझ सके और उनकी वासना को खत्म कर सके.


कुछ देर के बाद मैं चाची को दिलासा देते हुए उधर से चला गया कि आज रात को आपके पास आऊंगा, तब इस मसले पर हम दोनों बात करेंगे.


शाम को मैंने दादी से कहा- मैं चाची के पास जा रहा हूँ और उधर ही सो जाऊंगा.

उन्होंने हामी भर दी और मैं चाची के पास आ गया.


सोने का समय हो गया था.

मैं चाची के बिस्तर पर उन्हीं के साथ लेटा था.


कुछ देर तक उसी वीडियो को लेकर हमारे बीच बात हुई.


फिर जब चाची ने कहा- बता न, तू क्या चाहता है?

तब मैंने उनसे कहा- चाची, आप अपना ब्लाउज खोलो.


उन्होंने ना चाहते हुए भी अपने ब्लाउज के दो बटनों को खोला और मुझे उनकी काले की ब्रा दिखने लगी थी.


मैंने उनका पूरा ब्लाउज खुलवाया और ब्रा की तरफ इशारा करते हुए कहा- इसे भी खोलो.

उन्होंने अपनी ब्रा भी खोल दी.


अब उनकी दोनों भरी हुई चूचियां मस्त फुदक रही थीं.

उसी वक्त मैंने अपनी टी-शर्ट भी खोल दी और उनसे कहा- आप अपनी ब्रा मुझे पहना दो.


वे चौंक गईं, फिर उन्होंने अपनी ब्रा मुझे पहना दी.

ब्रा पहन लेने के बाद मैंने ब्रा के ऊपर से अपनी टी-शर्ट पहन ली.


फिर मैंने चाची से कहा- मुझे लड़कियों के कपड़े पहनना पसंद हैं. आपको इस काम में मेरी मदद करनी होगी. बस मेरी इतनी सी इच्छा है.


वे मेरी तरफ देख कर मुस्कुरा रही थीं और अपने निप्पलों को सहला रही थीं.

उन्हें मेरे सामने अपने मम्मों से खेलने में जरा भी झिझक नहीं हो रही थी.


वे बोलीं- मैं तुम्हारी मदद करूंगी तो मुझे क्या मिलेगा?

मैंने उनकी बात का जवाब न देते हुए उनके एक निप्पल को अपने मुँह में भर लिया और उन्हें चूची चुसाई का सुख देने लगा.


चाची मस्त हो गईं और उस रात मैंने उनकी चुवदावई को छोड़ कर उनकी हर कामना को पूरा किया.

मैंने उन्हें नंगी करके उनकी चूवती भी चाटी और उन्हें झड़ा कर उनकी चूवती का रस भी पिया.


उन्होंने भी मेरी लुल्ली को चूस कर उसका पानी पी लिया.

मुझे चाची की मनोकामना को जितना कर पाना संभव हुआ था, उतना मैंने किया.


मेरे अन्दर एक मर्द नहीं था बल्कि स्त्री थी तो मैं चाची को चोदने का सुख नहीं दे पाया था.


चाची को सुख देने के बाद अब मुझे अपने सुख की प्राप्ति करनी थी.

मुझे बस एक क्रॉसड्रेसर की तमन्ना पूरी करनी थी.


वह मैंने चाची से कही- मुझे एक लड़की के कपड़े पहन कर आपके साथ सोना है.

वे हंसने लगीं और बोलीं- हां ठीक है, मैं तुझे रोज रात में लड़की बना कर अपने साथ सुला सकती हूँ.


मैंने कहा- चाची, मुझे लड़की बनने के लिए कपड़े लेने हैं और कुछ और भी सामान लेना है. वह सब खरीदने के लिए आपको मेरे साथ बाजार चलना पड़ेगा.

चाची ने हां कर दी और हम दोनों नंगे ही लिपट कर सो गए.


अगले दिन हम दोनों सुबह उठ कर नित्य क्रिया से फारिग हुए.


चाची ने बड़े प्यार से मुझे चाय पिलाई और कुछ देर बाद मैं चाची को लेकर बाजार आ गया.


वहां जिस दुकान से चाची अपने लिए ब्रा पैंटी खरीदती थीं, उधर से उन्होंने मेरे नाप की दो काले रंग की और लाल रंग की ब्रा-पैंटी के सैट खरीद लिए.

फिर आगे चल कर एक अन्य दुकान से काले और लाल रंग की सेमक्षी सी साड़ी ले ली.


आगे एक पार्लर से लड़कियों के बाल के साइज़ का एक विग ले लिया.


उधर उन्हें अपना फेशियल वगैरह भी करवाना था.

पर पार्लर वाली ने थोड़ी देर में आने का कहा.


तो चाची मुझे साथ लेकर अपना बाकी का काम निपटाने चली गईं.


फिर मैंने कहा- मुझे नाइटी भी तो लेनी हैं!

तो वे वापस ब्रा पैंटी वाली दुकान पर आ गईं और उधर से दो काली नाइटी ले लीं और एक लाल रंग की नाइटी खरीद ली.


उसके बाद हम दोनों एक महिलाओं के कपड़े सिलने वाले टेलर के पास गए और वहां हमने साड़ी के साथ मिले ब्लाउज के कपड़ों के डिजायनर ब्लाउज सिलने दे दिए.

उसी टेलर से चाची ने एक काले रंग का सादा ब्लाउज सिलने दे दिया.


उसके बाद हम दोनों पार्लर गए और वहां चाची ने मेरी पूरी बॉडी के बाल साफ करवा दिए, आई ब्रो भी सैट करवा दीं.


अब हम दोनों घर आ गए और मैं नहाने चली गई.


जब मैं नहा रही थी, तो मुझे मेरी बिना बाल वाली बॉडी बहुत सेमक्षी लग रही थी, बिल्कुल लड़कियों जैसी.


मल मल कर नहाने के बाद मैंने अपना बदन पौंछा और लड़कियों की तरह तौलिया को अपनी लुल्ली पर लपेटकर बाहर आ गया.

चाची बाहर खड़ी मेरी चिकनी छाती को देख कर मुस्कुरा रही थीं.


मैंने चाची से कहा- आपने मेरे लिए जो ब्रा पैंटी खरीदी थी, वह ले आओ.

चाची झट से गांवड मटकाती हुई गईं और ब्रा पैंटी ले आईं.


मैंने उनके सामने ही तौलिया खोली और पैंटी पहन ली.

उसके बाद मैंने चाची से ब्रा पहनाने को कहा.

चाची ने पीछे से ब्रा के हुक लगा दिए.


मुझे साड़ी पहननी नहीं आती थी तो चाची ने मुझे साड़ी पहनाई.


उसके बाद मेरा मेकअप किया गया.

उन्होंने ही मुझे नेल पेंट लगाया, पायलें पहनाईं, कान में बालियां पहनाईं और विग लगा दी.


थोड़ा रूज वगैरह लगा कर लिपिस्टिक लगा दी.

मेकअप करने के बाद मैं बिल्कुल लड़की लग रही थी.


उसके बाद हम दोनों ने मिल कर घर का पूरा काम किया.

उस दिन मेरा मन अपने घर जाने का था ही नहीं.


बीच में दादी का फोन भी आया तो मैंने चाची को फोन पकड़ा दिया और उन्होंने दादी से अपने घर में होने की कह कर रात को रुकने का भी कह दिया.


मैंने चाची को थैंक्स बोला और उनके साथ ही सोने के लिए पूछा.

उन्होंने हां कर दी.


रात को सोते समय मैंने चेंज किया और नाइटी पहन ली.


हम दोनों ने कुछ देर चूमा-चाटी की और चिपक कर सो गए.


मैं सुबह जल्दी उठ कर फ्रेश हो गया और मैंने साड़ी पहन ली.

फिर मैंने चाची को उठाया.


चाची चाय बनाने की कह रही थीं.

मैंने कहा- आज अपनी जान का दूध पी लीजिए.


ये कह कर मैंने अपने ब्लाउज को खोल कर ब्रा समेत एक दूध चाची के मुँह में दे दिया.

वे मेरी एक चूची को दबाने लगीं और दूसरी को चूसने लगीं.


फिर चाची ने मेरी ब्रा भी खोल दी.

वे गर्म होने लगी थीं.


मैंने चाची को रोका और उन्हें एक लौकी के साथ तेल की बोतल लाने का कहा.


चाची लौकी व तेल लेकर आईं, तब तक मैं घोड़ी बन गया.


चाची ने मेरी पैंटी उतारी और मेरी गांवड के छेद को चाटने लगीं.

मेरी कामुक सिसकारियां निकल रही थीं.


क्रॉस ड्रेस सेमक्ष के खेल में मैं किसी पॉर्न एक्ट्रेस की तरह कहने लगी ‘फक मी आह फक मी हार्ड.’


चाची ने काफी सारा तेल मेरी गांवड में लगाया और उस वजह से मेरी गांवड अन्दर तक चिकनी हो गई.

गांवड चिकनी करने के बाद चाची ने लौकी मेरी गांवड के छेद पर रखी और ज़ोर से धक्के देने लगीं.


मैं चिल्लाने लगी.

मुझे बहुत दर्द हो रहा था.

मैं रोने लगी.


चाची ने रुकने को पूछा.

तो मैंने मना कर दिया और कहा- खून भी निकले, तो भी मत रुकना.


चाची पूरी मस्ती से लौकी मेरी गांवड के छेद में अन्दर बाहर करने लगीं.

मेरी गांवड में से खून निकलने लगा था लेकिन कुछ देर बाद मुझे लौकी से गांवड मरवाने में मज़ा आने लगा.


अब मैं भी अपनी गांवड को आगे पीछे करने लगी और अपने छोटे से लमण्ड को हाथ से हिलाने लगी.


थोड़ी ही देर बाद मैं झड़ गई और चाची से गांवड से लौकी निकाल लेने का कह दिया.


गांवड मरवाने के बाद मैंने कपड़े पहने और हम दोनों मूवी देखने लगे.


अब मेरे घर जाने का वक्त हो गया था.


जाने से पहले में चाची से कहा कि मेरे पास आपका वह वीडियो अभी भी है, जब मेरा फिर से मन करेगा तो मैं वापस आऊंगी.


चाची ने हंस कर कहा- अब तुम्हें उस वीडियो की ज़रूरत नहीं है. मेरी कोई संतान नहीं है. आज मुझे तुम में एक बेटी और सहेली मिल गई है.


मैंने वह वीडियो उसी समय डिलीट कर दिया और अपने घर चली गयी.


अब जब भी मुझे क्रॉस ड्रेस सेमक्ष करना होता है, तो मैं चाची के घर चली जाती हूँ.

चाची ने मेरे लिए एक ब्रेस्ट पंप भी खरीदा, जिसके इस्तेमाल से मेरी चूचियां बड़ी हो गईं.