टीचर के साथ का प्रैक्टिकल

 स्कूल Xxx टीचर की कहानी में एक युवा टीचर ने अपने एक छात्र को पटाकर उससे अपनी चुवदावई की चाहत पूरी की. वह टीचर थी भी बहुत सेमक्षी.


दोस्तो, मैं दिल्ली से हूँ.

मेरा रंग बहुत गोरा है. मेरे लमण्ड का साइज 6.5 इंच है. स्कूल में सब मुझे क्यूटब्वॉय के नाम से बोलते हैं.


मैं इस स्कूल Xxx टीचर की कहानी में गोपनीयता के चलते अपना सही नाम नहीं बोल पाऊंगा.

पर आपको मेरी सेमक्ष कहानी सुन कर मजा पूरा मिलेगा.


लड़के अपने लमण्ड को निकाल लें और लड़कियां अपनी चूवती में उंगली करने के लिए तैयार हो जाएं.


यह बात उस समय की है, जब मैं छात्र था और पढ़ने में अच्छा स्टूडेंट था.


एक बार हमारी क्लास में एक नई मैम क्लास लेने आईं.

उनको देख कर क्लास के सारे लड़के दंग रह गए.


मैम का फिगर और फेस था ही ऐसा कि जो देखे, उसका हथियार तुरंत खड़ा हो जाए.

उन मैम का नाम भावना था और वे हमारी सामाजिक विज्ञान की टीचर थीं.


कुछ ही दिनों में सारे छात्र भावना मैम की क्लास को बड़े ही गंभीरता से पढ़ने लगे थे.

पढ़ने क्या लगे थे, बस उन्हें पढ़ाता देख कर लमण्ड सहलाने लगे थे.


उनके साथ हम सभी छात्रों का सिलसिला ऐसे ही चलता रहा और एक दिन भावना मैम हमारी क्लास टीचर बन गईं.


अब आप भावना मैम की खूबसूरत जवानी के बारे में भी जान लीजिए.


उनकी उम्र 22-23 साल की थी और उनके दूध एकदम तने हुए थे.

वे जब ब्लैकबोर्ड पर कुछ लिख कर पढ़ाती थीं तो हम सब छात्र उनकी उठी हुई गांवड का मजा लेते थे.


मैं काफी बार मैम को याद करके मुठ भी मार चुका था.


एक दिन क्लास में मैम ने टेस्ट लिया.

उस टेस्ट में कुछ छात्रों मार्क्स कम आए.


मैम ने सबको थप्पड़ मारे.

वे सबको मेरे अच्छे नंबरों को बता बता कर ठुकाई कर रही थीं.


उनके मुँह से अपनी तारीफ सुनकर मैंने सोचा कि मैम को इंप्रेस करने का यह बढ़िया मौका है.


मैं और भी जोर शोर से स्टडी करने लगा.

तो मैं अच्छे मार्क्स से पास हो गया और उसके बाद मैं मैम का चेहता छात्र बन गया.


कुछ समय बाद 12वीं क्लास में वह हमें सेम सब्जेक्ट पढ़ाने लगीं.

मैं उनके पढ़ाने से बेहद खुश था.


एक बार जब प्रैक्टिकल करने की बात आई तो मैम सबको बुला रही थीं.


उस दिन मेरे दोस्त का जन्मदिन भी था तो उसने मैम को एक डेयरी मिल्क की चॉकलेट दी.


प्रैक्टिकल के बीच में जब मैम ने मुझे बुलाया तो मैं बड़ा नर्वस था.


उस दिन जैसे ही मैं आगे बढ़ कर पहला प्रैक्टिकल देने गया तो मैम ने मुझे देखा और पहले स्माइल पास की.

उन्होंने कहा- बैठो.


मुझे टेंशन होने लगी.

मैं उनके सवालों का सही से जवाब ही नहीं दे पाया.


मैम ने मेरी तरफ देखा और वे बोलीं- लास्ट पीरियड में मैं दुबारा से तुम्हारा प्रैक्टिकल लूंगी.

तो मैंने कहा- ओके मैम.


मेरे अलावा बाकी 5 छात्र और भी थे, जिनको प्रैक्टिकल देना था.


शाम को सब एक एक करके प्रैक्टिकल देने आते गए.


सबसे आखिर में मैं गया तो मैम ने कहा- जाओ, तुम मेरा पर्स भी ले आओ.


मैं गया और फिर से टेंशन में आ गया कि जिन मैम को सोच सोच कर मैं अपना लमण्ड हिलता था, वे आज मेरे सामने हैं.


सबसे बड़ी बात यह कि मैम की गांवड इतनी मोटी और चूचे भी एकदम भरे हुए थे.

कोई देख ले तो उसका वहीं उसका गेम ओवर हो जाए.


फिर मेरा प्रैक्टिकल शुरू हुआ.

टेंशन के कारण मेरा लमण्ड एकदम टाइट था.


मैंने घबरा कर अपनी पैंट के ऊपर लमण्ड के पास रूमाल रख लिया, ताकि मैम फूले हुए मेरे लमण्ड को देख कर कुछ कह न दें.


मैम प्रैक्टिकल ले रही थीं और वे साथ में चॉकलेट भी खाने में लगीं थीं.


उन्होंने अपनी चॉकलेट को मेरे साथ भी बांटा.

मैं चॉकलेट खाते हुए प्रैक्टिकल देने लगा था.


तभी मैम ने चॉकलेट खत्म कर दी और उसका रैपर फेंक कर डस्टबिन में डालने के उसकी तरफ देखने लगी थीं.

उधर डस्टबिन नहीं था तो वे रैपर को मोड़ कर मेरी पॉकेट में डालने आईं.


मेरी पैंट की जेब फटी हुई थी और मैंने अंडरवियर पहना नहीं था.

जैसे ही उन्होंने मेरी जेब में रैपर रखा, तो उनके हाथ में मेरा एकदम टाइट लमण्ड छू गया.


उन्होंने जैसे ही मेरा लमण्ड पकड़ा और उसे एक बार ऊपर को किया, मेरा रस निकल गया.

मैं बहुत लंबी लंबी सांसें लेने लगा.

मैम भी समझ गईं कि माजरा क्या है.


उस वक्त वह स्थिति मेरे लिए भी और मैम के लिए थोड़ी अजीब सी थी.

फिर मैम ने मेरी जेब से हाथ निकाला और हाथ को रूमाल से पौंछती हुई उठ गईं.


फिर जैसे तैसे प्रैक्टिकल देकर मैं वहां से बाहर चला गया.


मैं इसी घटना के कारण दो दिन स्कूल भी नहीं गया.

लेकिन इसी बीच मैंने भावना मैम को याद करके खूब मुठ मारी.


कुछ दिनों बाद मैम मुझसे कुछ ज्यादा ही बातचीत करने लगीं.

अब हाल यह हो गया था कि मैं उनके सब्जेक्ट में कुछ भी नहीं करता, तो भी वह मुझे अच्छे मार्क्स दे देतीं और काम पूरा न करने पर कुछ नहीं बोलती थीं.


कुछ समय बाद हमारी क्लास की फाइनल प्रैक्टिकल की बारी आ गई.

मैं अब तक सब समझ चुका था.


लेकिन मुझे क्या पता था कि प्रैक्टिकल वाले दिन मुझे चरमसुख मिलने वाला था.

इस बात से मैं अनजान था.


नीयत समय पर सबको प्रैक्टिकल के लिए बुलाया गया लेकिन मुझे और 5 लड़कों को लास्ट पीरियड में बुलाया गया था.

यह मुझे थोड़ा अजीब सा लगा.

लेकिन मैंने भी सोचा मेरा रोल नंबर लास्ट में है शायद इसलिए मैम ने ऐसा किया होगा.


लगभग सब प्रैक्टिकल में पास हो गए थे.

मेरा दोस्त जो थोड़ा पढ़ने में कमजोर था वह भी पास हो गया था.


जैसे ही मेरी बारी आई, मैं गया.


मैंने देखा कि मैम एकदम खुश थीं और मुझे देखते ही बोलीं- आओ आओ बैठो.

अब मुझे क्या पता था कि मेरे प्रैक्टिकल के मार्क्स पहले ही लग गए हैं.


उस दिन वही पुराना वाला सीन मेरे साथ हुआ.


मैम चॉकलेट खा रही थीं और रैपर फेंकने के लिए उन्होंने जैसे ही मेरी पॉकेट में हाथ डाला, मेरा टाइट लमण्ड उन्हें मिला तो सही, पर वे लमण्ड को छू नहीं पाईं क्योंकि मैंने अपने पैंट को सिलवा लिया था.


लेकिन मैम ने हाथ बाहर नहीं निकाला और वे महसूस करने लगीं कि पैंट के अन्दर मेरा लमण्ड कड़क हुआ पड़ा है.


वे पैंट के ऊपर से हाथ फेरने में लगीं.

मुझे मजा आने लगा.


उस वक्त मैम मेरे इतने नजदीक थीं कि मैं उनके चूचे महसूस कर पा रहा था.


दो मिनट बाद ही उन्होंने मेरे कान में बोला- आज ज्यादा टाइट है.


बस इतना कहते ही उन्होंने मेरे पैंट की जिप खोल दी और कच्छे में से लमण्ड को निकाल कर हल्के हाथों से मुठ मारने लगीं.


मैं अवाक था.

मेरे लिए ये सब एक सपना सा था.


तभी मैम ने मेरे लमण्ड पर थूका और तेज तेज मुठ मारने लगीं.


मैंने भी अपनी पैंट की बेल्ट खोल कर उसे उतार दिया और वे भी पूरी तेजी के साथ अपने हाथ चलाती हुई मेरे लौड़े की मुठ मारने लगीं.


कुछ ही देर में मेरा सारा वीर्य एकदम से पिचकारी की तरह निकल गया.


वीर्य इतना ज्यादा निकला कि मैम के हाथ की मुट्ठी बंधी होने से उनकी हथेली और मेरे लौड़े में सिर्फ वीर्य ही वीर्य दिखने लगा.


मेरे लौड़े की दम निकल गई थी, लेकिन वे अब भी रुकने वाली नहीं थीं.

उन्होंने मेरा लमण्ड बिना साफ किए उस पर थूका और फिर से तेज तेज मुठ मारने लगीं.


कुछ ही देर में मेरा लमण्ड फिर से टाइट हो गया.

इस बार उन्होंने अपने होंठों से मेरा लमण्ड का टोपा चाटा और मुँह में भर लिया.


आह … कसम से भाई, मेरे लमण्ड की तो समझो लॉटरी निकल पड़ी थी.

मैम ने मेरे लौड़े को अपने मुँह में जैसे ही डाला, मुझे एकदम गर्म गर्म सा महसूस हुआ.


मेरी आंखें मुंदती चली गईं और मैं एक अलग ही दुनिया में अपने आपको महसूस कर रहा था.

लमण्ड पर मैम के मुँह की जो गर्माहट थी, वह मुझे एक अलग ही नशा चढ़ाने लगी थी.


मैंने मैम के बाल पकड़े और एकदम से लमण्ड को उनके मुँह में गले तक अन्दर दे दिया.

उनके मुँह से थूक गिरने लगा.


मैं कमर हिला कर लमण्ड को ऊपर नीचे करने लगा.

कुछ ही देर में मेरे लौड़े से फिर से रस टपक गया.


इस बार लमण्ड ने मैम के मुँह में उल्टी की थी.

मगर मैम भी पूरी रांड निकलीं.

वे लौड़े से निकला शीरा खाती चली गईं और जीभ से लमण्ड को चपर चपर करके चचोरने लगीं.


उनकी आंखें मेरी आंखों में झांक रही थीं और हम दोनों के बीच एक अलग सी कशिश बन गई थी.


मैं मैम के मुँह की चुवदावई करने में लगा रहा.


हालांकि उस समय मैं सिर्फ बैठा था.

अब जो भी कर रही थीं, वे खुद ही कर रही थीं.

लगातार लमण्ड की चुसाई से मेरा दुबारा से रस निकल गया.


वे सारा रस मस्ती से चाटती चली गईं.

मैं बहुत थक चुका था और मेरा लमण्ड ठंडा होकर किसी मरे हुए चूहे के जैसा बैठ गया था.


मैम मेरे सीने से चिपक गईं और हम दोनों चूमा-चाटी करने लगे.

मेरा एक हाथ मैम की चूची पर चला गया और मैंने उनकी चूची मसल दी.


उन्होंने आह भरी और अपनी कुर्ती का बटन खोल दिया.

मैंने उनके दूध देखे तो देखता ही रह गया.

उनके रसीले चूचे और उन पर कड़क मटर के दाने जैसे पिंक निप्पल बेहद दिलकश लग रहे थे.


ये कामुक नजारा देख कर मेरा लमण्ड एक बार फिर से टाइट हो गया.


भावना मैम ने मेरे कान में सरगोशी की- तुम्हारा लमण्ड आज मुझे चोद कर ही मानेगा!


मेरे से रहा नहीं गया तो मैं उनके एक चूचे को मुँह में लेकर पीने लगा.

कुछ ही पलों में मैम ने मेरे लौड़े को अपने चूचों के बीच में रख कर दोनों मम्मों से दबा लिया और लमण्ड को ऊपर नीचे करने लगीं.


उनकी धकापेल लमण्ड रगड़ाई से मेरा फिर से वीर्य निकलने ही वाला हो गया था.

मैंने अपना लमण्ड उनके मम्मों में से निकाला और उनको उठा दिया.

मैम खड़ी हो गई थीं.


मैंने उनकी पैंट उतार दी और घुटनों के बल बैठ कर उनकी नाभि को जीभ से चाटने लगा.


वे अपनी कमर को मटकाने लगी थीं.

मैंने उनकी पैंटी उतार दी.


जैसे ही मैं उनकी चूवती चाटने को हुआ कि घंटी बज गई.

मुझे लगा कि अब कुछ नहीं हो पाएगा इसलिए मैं रुक गया.


मैम बोलीं- रुक क्यों गए? हमारे पास अभी बहुत समय है.


मुझे पता नहीं था कि मैम ने एक्स्ट्रा क्लास के लिए पहले से ही ओवर टाइम मांग रखा था.


मैंने उनसे पूछा- कैसे?

उन्होंने बताया कि मैंने प्रिंसिपल को एप्लीकेशन दे दी थी, जो उन्होंने अप्रूव कर दी थी. इसलिए हमारे पास अभी दो घंटे का समय है.


यह सुनते ही मैंने बिना समय गंवाए मुँह को उनकी चूवती पर लगा दिया और उनकी फांकों को चाटने लगा.

चूवती के अन्दर अपनी जीभ घुसेड़ कर चूवती का रस चाटने लगा और चूवती की फांकों के बीच में उनके दाने को जीभ की नोक से लिक-लिक करके कुरदने लगा.


मेरी चूवती चुसाई से मैम ज्यादा देर नहीं ठहर सकीं और मैंने उनका पानी निकाल दिया.

चूवती का झरना बह जाने के बाद भी मैं रुका नहीं … बल्कि और तेजी से उनकी चूवती को गांवड के छेद तक चाटता रहा.

मुझे मजा बहुत आ रहा था.


मैम फिर से बेकाबू हो गई थीं क्योंकि मैं बार बार उनकी पूरी चूवती पर जीभ फेर रहा था.


फिर मैंने अपनी एक उंगली चूवती में डाल दी और आगे पीछे करना शुरू कर दिया.

वे उंगली का मजा लेने लगीं तो मैंने अपनी दूसरी उंगली भी डाल दी और चूवती की चुवदावई करने लगा.


उंगली करने के साथ साथ चूवती को चाटते चाटते ही मैम की चूवती एकदम से रसीली हो गई और चूवती ने फिर से पानी छोड़ दिया.


झड़ने के बाद मैम मुझसे बोलीं- मुझे इस दिन का इंतजार तब से था, जब मैंने पहली बार तुम्हारा लमण्ड पकड़ा था.

मैंने कहा- अब चूवती में पेल दूँ?

भावना मैम बोलीं- आज रात मेरे घर आ जाना. पूरी रात जश्न करेंगे. इधर आवाज बहुत गूंज रही है.


चूंकि ये प्रैक्टिकल रूम बेसमेंट में था, जिस वजह से आवाज थोड़ी गूंज रही थी.


फिर मैम ने बैग से टिश्यू पेपर निकाल कर पहले मेरा लमण्ड साफ किया और बाद में अपना मुँह साफ किया.


मैं काफी थक चुका था.


मैम बोलीं- तुम मेरा नंबर ले लो और कॉल करके आना.


घर पहुंचते ही मुझसे रात तक का सब्र नहीं हुआ.

रात होते ही मैंने मैम से बात की और अपने घर वालों से उनकी बात करवा कर उनके घर चला गया.


उनके घर के सभी लोग गांव गए हुए थे.


जैसे ही मैम ने गेट खोला, मैं गेट पर ही उनके चूचे दबाने लगा.

भावना मैम बोलीं- पहले अन्दर तो चलो.


अन्दर आने के बाद हम दोनों ने एक दूसरे को हग किया और चूमाचाटी की.


थोड़ी देर बाद मैम क्रीम, तेल और शेविंग करने का सामान ले आईं.

मैं थोड़ा शर्मा रहा था.


स्कूल Xxx टीचर आगे आईं और बोलीं- क्या इरादा है … मैं ही करूं क्या?

उनकी इस बात से अचानक से मेरा मर्द जागा और मैंने अपनी शर्ट को खोल कर उनको लेटा दिया.


मैंने उनके होंठों को चूसने लगा.

वे भी बेकाबू होकर मुझे चूमने लगीं.


फिर मैंने उनका टॉप हटाया और मैं उनकी चूचियों को देखता रह गया.

हम दोनों ने जल्दी जल्दी एक दूसरे के कपड़े उतारे और 69 में आ गए.


मैं उनकी चूवती चाटने लगा.

मैम की गुलाबी सी चूवती को मैंने खूब चाटा और वे जल्दी ही छूट भी गईं.


फिर मैम ने मेरे लमण्ड को पकड़ा और उसकी झांटों को अच्छे से शेव कर दिया.


लमण्ड मुंडन के बाद मैंने देखा कि मेरा लमण्ड काफी लंबा सा दिखने लगा था.


फिर भावना मैम ने अच्छे से घी से लमण्ड की मसाज की.

मैंने बिना सोचे समझे झटके से अपना लमण्ड उनके मुँह में डाल दिया.


वे दहल उठीं मैं लमण्ड को ऊपर नीचे करने लगा.

फिर मैंने भावना मैम को उल्टा कर दिया और उनकी गांवड चाटने लगा.


मैंने भी उनसे अपनी गांवड चटवाई.

उसके बाद बिना देरी किए मैंने मैम को सीधा करके उनकी चूवती में अपना लमण्ड घुसेड़ दिया.

मेरा लमण्ड अन्दर गया ही नहीं क्योंकि मैम अभी तक वर्जिन थीं.


यह देख कर मैं चौंक गया था.

फिर सोचने लगा कि मैं भी तो कुंवारा ही हूँ.

मेरे लमण्ड की सील तो इस Xxx टीचर की चूवती से ही खुलेगी.


मैंने उनकी चूवती को चाटना शुरू कर दिया और चूवती में घी लगा कर लमण्ड सैट कर दिया.

जल्दी ही मैं धक्का मारने लगा.


मैम चिल्लाने लगीं- आह रुको.


मैं रुक गया और मैम को अपनी बांहों में समेट कर उन्हें शांत करवाने लगा.


एक मिनट बाद मैंने वापस लौड़े में क्रीम लगायी और चूवती में पेल कर धक्का मारने लगा.


मैम कुछ ज्यादा ही चिल्ला रही थीं- हटाओ … आह प्लीज मैं मर जाऊंगी!

मैंने फिर से लमण्ड हटा लिया.


अब मैंने वापस भावना मैम की चूवती चाटी और उनके कुछ कहने का इंतजार करने लगा.

वे समझ गईं और बोलीं- बेबी अब मत रुकना!


इस बार मैंने अपना लमण्ड चूवती पर सैट करके पूरी ताकत से धक्का दे मारा.

मेरा आधा लमण्ड भावना मैम की चूवती के अन्दर घुसता चला गया.

वे थोड़ा चिल्लाने लगीं- आह मर गई.


इस बार मैं रुका ही नहीं और धीरे धीरे झटका देने लगा.

कुछ पल बाद मैंने वापस एक जोर से झटका मारा तो मेरा पूरा लमण्ड अन्दर चला गया.


मैम की चूवती से थोड़ा खून आने लगा था.

मैंने तुरंत एक कपड़े से खून साफ करके अपने लमण्ड को पूरा अन्दर पेल कर चोदना शुरू कर दिया.


मैं धीरे धीरे चुवदावई करने लगा.


कुछ देर बाद वे बोलीं- आह आह … अब तेज तेज करो.

मैं तेज तेज करने लगा.


कुछ देर बाद मैंने लमण्ड को चूवती से निकाला और उन्हें लेटा कर पीछे से चूवती मारने लगा.

दस मिनट बाद मैंने मैम को हल्का सा खींचा और उनकी टांगें फैला कर दोनों पांव अपने ऊपर रख कर चोदने लगा.


Xxx टीचर मैम का पूरा चेहरा लाल हो चुका था और वे मरी कुतिया सी चिल्ला रही थीं.

मैं तेज तेज चोद रहा था.


चुवदावई की मादक आवाजें आने लगीं- पच फच फ़च!

कुछ देर बाद मैं छूटने ही वाला था कि मैंने लमण्ड चूवती से खींच लिया और अपना वीर्य उनके मुँह पर गिरा दिया.


पांच सात मिनट में मेरा लमण्ड दुबारा टाइट हो गया.

फिर कुछ देर बाद मैं मैम की दुबारा चुवदावई करने लगा.


इस बार जब मेरा वीर्य निकलने ही वाला था, तब मैम ने कहा- इस बार तुम अपना रस मेरी गांवड में डालो.


मैं उन्हें लेटा कर उनकी गांवड मारने लगा. मैम की गांवड इतनी टाइट थी कि मुझे भी लमण्ड में दर्द होने लगा.

मैंने दूसरी बार अपना वीर्य गांवड में ही निकाल दिया.


मैम का दर्द के मारे चेहरा लाल हो गया था.

मैं मैम के ऊपर ही लेट गया और उनकी गर्दन को चूमता रहा.


फिर सीधे होकर मैंने मैम को एकदम से कस लिया और उनके होंठों को चूसने लगा.


फिर हम दोनों सारी रात बार बार सेमक्ष करते रहे