एक बार की बात है। मैं अपने घर से बाजार की ओर जा रहा था। मेरे घर से बाजार तक जाने के रास्ते में काफी सुनसान रास्ता पड़ता था। कुछ दूर के रास्ते में कोई भी नहीं रहा करता था।
मैं रोज इसी रास्ते से बाजार जाया करता था। आज भी मैं इसी रास्ते से बाजार जा रहा था। मुझे रास्ते में एक लड़की मिली जो बहुत ही डरी हुई थी। उसे डरा हुआ देख मैं उसके पास गया और पूछा क्या हुआ तुम डरी हुई क्यों हो?
लड़की ने कुछ लड़को के ओर इशारा किया। मैं समझ गया। मैं अपने साथ उस लड़की को लेकर उन लड़को के पास गया। मैं उन लड़को को कहा, क्या तुम्हे शर्म नहीं आता है? काफी कुछ कहने के बाद उन लड़को को अपनी गलती का अहसास हुआ।
उन्होंने लड़की से क्षमा माँगा। फिर मैं बाजार की ओर जाने लगा। उस लड़की ने मुझे रोका और कहा, मैं यहाँ पर नई हूँ। मुझे रहने के लिए किराये का घर चाहिए। क्या आप मेरी मदद कर सकते है?
मैंने कहा ठीक है। मेरे घर में एक कमरा खाली था। आप मेरे घर चलिए, अगर आपको पसंद हो तो आप उसमे रह सकती है। अगर आपको पसंद न आए तो मैं आपको दूसरा घर भी दिखा सकता हूँ।
अब वह लड़की और मैं घर की ओर चल पड़े। रास्ते में मैं कुछ भी बोल नहीं पा रहा था। मैं बोलना चाह रहा था लेकिन नहीं बोल पा रहा था। फिर उससे पूछा आपका नाम क्या है?
मैंने कहा राकेश और आपका नाम। उसने ने कहा, सुंदरी। मैंने बोला काफी अच्छा नाम है। अब तक हम घर पर आ गया थे। सुंदरी ने मेरा घर देखा, और वह कमरा भी देखा जिसमे उसे रहना था।
सुंदरी को वह कमरा काफी पसंद आया। फिर वह हमारे घर में रहने लगी। मैं उसे जब भी देखता था तो मेरे मन में अजीब सी हलचल होती थी। पता नहीं उसके मन में होती थी या नहीं।
एक दिन मैं और सुंदरी घूमने जा रहे थे। मैंने सोच लिया था कि आज मैंने सुंदरी को अपने मन की बात कहुगा। हम अपने घर से बहुत दूर एक सड़क पर थे। हम बाइक से चल रहे थे।
मैंने सुंदरी से कहा, मुझे तुमसे एक बात कहानी है। सुंदरी से कहा, मुझे भी तुमसे कुछ कहना है।
मैंने कहा बोलो। सुंदरी बोली, मैं तुम्हे पसंद करती हु और… । ज्यादा ख़ुशी के कारण मैं अपने बाइक को सभाल न सका और हमारे बाइक का दुर्घटना हो गया।
मैं तो बच गया लेकिन सुंदरी ने अपने जान को गवा दी। पर आज भी मेरे दिन में सुंदरी जिन्दा है।